अंकिरा /जशपुर। सोनिया गांधी एवं मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राष्ट्रगीत के अपमान के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित मशाल रैली तथा बस स्टैंड में राष्ट्रगीत के आयोजन को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन पर भाजयुमो ने कड़ा पलटवार किया है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि कांग्रेस अब राष्ट्रगीत के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम पर भी राजनीति करने लगी है। कांग्रेस ने बस स्टैंड में राष्ट्रगीत के दौरान पीछे दिखाई दे रहे कुछ छोटे बच्चों को छात्रावास के विद्यार्थी बताते हुए उन्हें राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि केवल तस्वीर में किसी बच्चे के दिखाई देने से यह साबित नहीं हो जाता कि वह कौन है, कहां से आया है और किसके साथ आया है।
उन्होंने कहा कि बस स्टैंड एक सार्वजनिक स्थान है। राष्ट्रगीत के दौरान वहां कौन पीछे खड़ा था, हमें क्या पता? कांग्रेस के पास यदि इस बात का कोई ठोस प्रमाण है कि छात्रावास के विद्यार्थियों को नियमों के विरुद्ध किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल किया गया, तो वह प्रमाण सामने रखे। केवल अनुमान और तस्वीर के आधार पर आरोप लगाना राजनीतिक दुर्भावना के अलावा कुछ नहीं है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रगीत के समय वहां तिरंगा झंडा था और पूरा बस स्टैंड राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़ा था। तिरंगा भारत की आन-बान-शान है। राष्ट्रगीत के सम्मान में तिरंगा लेकर खड़ा होना देशभक्ति है, राजनीति नहीं।
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “राष्ट्रगीत के समय पूरा बस स्टैंड सम्मान में खड़ा था, हाथ में तिरंगा था और वातावरण में राष्ट्रभक्ति थी। कांग्रेस को इस गौरवपूर्ण दृश्य पर गर्व होना चाहिए था, लेकिन उसे पीछे खड़े बच्चों में राजनीति दिखाई दे रही है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसे राष्ट्रगीत के सम्मान से आपत्ति है, तिरंगे से आपत्ति है या फिर इस बात से आपत्ति है कि युवाओं ने राष्ट्रगीत के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया?
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस द्वारा छात्रावास के विद्यार्थियों को लेकर लगाए गए आरोपों में यदि कोई तथ्य है तो उसे प्रमाण सहित सामने लाया जाए। बिना प्रमाण बच्चों को छात्रावास का विद्यार्थी बताना और फिर उन्हें राजनीतिक गतिविधि से जोड़ देना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि बच्चों को भी अनावश्यक राजनीतिक विवाद में घसीटना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास आज यदि जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे हैं तो उन पर बात करे। राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े लोगों और तिरंगे की मौजूदगी में भी राजनीति ढूंढना यह साबित करता है कि कांग्रेस के पास मुद्दों का अभाव हो गया है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रगीत और तिरंगा किसी दल के नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के गौरव हैं। राष्ट्रगीत के सम्मान और राष्ट्र की गरिमा से जुड़े विषयों पर भाजयुमो आगे भी मजबूती से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति के कार्यक्रमों में राजनीति तलाशने के बजाय कांग्रेस को पहले यह देखना चाहिए कि राष्ट्रगीत के समय पूरा बस स्टैंड एक साथ सम्मान में खड़ा था। यही इस कार्यक्रम की वास्तविक तस्वीर है और कांग्रेस के पूरे ज्ञापन का सबसे बड़ा जवाब भी।