
स्व. श्री सीताराम साव

जशपुर। जशपुर जिले के शिक्षा जगत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुःखद समाचार लेकर आया। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुनकुरी के प्राचार्य एवं फरसाबहार तथा कुनकुरी के पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) स्वर्गीय सीताराम साव का उत्तर प्रदेश के अयोध्या में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों में गहरा शोक व्याप्त हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय सीताराम साव अपने कुछ साथियों के साथ धार्मिक यात्रा पर अयोध्या गए हुए थे। गुरुवार को उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीरामलला के दर्शन किए और मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद वे अपने साथियों के साथ विश्राम के लिए लौटे, लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत अचानक अधिक खराब होने पर साथियों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। तड़के लगभग 3 बजे उन्हें भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही उनके परिवार तथा जशपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
स्वर्गीय सीताराम साव मूलतः ग्राम अंकिरा के निवासी थे। उन्होंने अपने लंबे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सेवाकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे फरसाबहार एवं कुनकुरी विकासखंड में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, प्रशासनिक अनुशासन तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रयास किए। उनके सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण वे शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच समान रूप से सम्मानित थे।
सेवानिवृत्ति से पूर्व वे वर्तमान में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुनकुरी में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। विद्यालय के संचालन, छात्राओं की शिक्षा तथा शैक्षणिक गतिविधियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणादायक रही। उनके नेतृत्व में विद्यालय ने कई शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां भी हासिल कीं।
उनके निधन की खबर सामने आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक संगठन, सामाजिक संगठनों तथा क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। अनेक लोगों ने उनके निधन को जशपुर जिले के शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद किया।
स्वर्गीय सीताराम साव अपने पीछे शोकाकुल परिवार, असंख्य शुभचिंतकों और अपने कार्यों की अमिट स्मृतियां छोड़ गए हैं। उनके निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा शिक्षा जगत एक अनुभवी, ईमानदार और समर्पित शिक्षाविद से वंचित हो गया है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की जा रही है।
