छत्तीसगढ़: तहसील के चक्कर होंगे कम, व्हाट्सएप पर मिलेगी जमीन की जानकारी; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए बड़े निर्देश - LSDNEWS: आवाज से अंजाम तक

LSDNEWS: आवाज से अंजाम तक

छिपाएंगे नही छापेंगे-आवाज से अंजाम तक

BREKING NEWS

आवश्यकता है

एलएसडी न्यूज में आपका स्वागत है, आपके आस पास के खबरों को साझा करने के लिए हमसे संपर्क करे 9111361036

Ad

Ad

बुधवार, 8 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़: तहसील के चक्कर होंगे कम, व्हाट्सएप पर मिलेगी जमीन की जानकारी; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए बड़े निर्देश


रायपुर, 07 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों और नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक बदलाव आया है तथा आम नागरिकों और किसानों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने


 अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे उन्हें तहसील या पटवारी कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने राजस्व मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।बैठक में RBC 6-4 के प्रकरणों के ऑनलाइन और समयबद्ध निराकरण, पंचायतों के माध्यम से अविवादित फौती नामांतरण, लंबित सीमांकन मामलों के शीघ्र निपटारे तथा जिला-वार नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए।मुख्यमंत्री ने


 VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की समीक्षा करते हुए नकल शाखा को पूरी तरह ऑनलाइन करने पर जोर दिया। इस परियोजना के तहत सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार तैयार किया जाएगा, जिससे प्रमाणित दस्तावेज कुछ ही मिनटों में उपलब्ध हो सकेंगे और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा।उन्होंने असर्वेक्षित गांवों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में


 सर्वेक्षण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने, स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री तथा खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस व्यवस्था के तहत अविवादित नामांतरण, बंटवारा सहित कई राजस्व सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन और केंद्रीकृत रूप से उपलब्ध कराने की योजना है। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक निर्णय लेने को कहा।इसके अलावा ई-कोर्ट प्रणाली, ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुतीकरण, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर में नक्शा


 डिजिटाइजेशन परियोजना का पायलट शुरू हो चुका है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

लोकप्रिय पोस्ट