ग्रामीणों का दावा : पुरानी नाली को नया बताकर जनप्रतिनिधि के खाते में 2 लाख का भुगतान ? दुलदुला पंचायत में फर्जी जियो-टैगिंग का आरोप, अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल - LSDNEWS: आवाज से अंजाम तक

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मंगलवार, 14 जुलाई 2026

ग्रामीणों का दावा : पुरानी नाली को नया बताकर जनप्रतिनिधि के खाते में 2 लाख का भुगतान ? दुलदुला पंचायत में फर्जी जियो-टैगिंग का आरोप, अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

जशपुर। जिले के ग्राम पंचायत दुलदुला में नाली निर्माण कार्य को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर जशपुर को सामूहिक शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि "मोहन घर से बजरंग घर तक नाली निर्माण" के नाम पर बिना नया निर्माण कराए लगभग 2 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। शिकायत में दावा किया गया है

 कि यह राशि उपसरपंच के खाते में ट्रांसफर हुई, जबकि पोर्टल पर पुरानी नाली की तस्वीरों को नया निर्माण बताकर कथित रूप से फर्जी जियो-टैगिंग की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस नाली को नए निर्माण के रूप में दिखाया गया है, उसकी तस्वीरों में नाली के भीतर घास उगी हुई और दीवारों पर काई जमी हुई स्पष्ट दिखाई देती है। उनका दावा है कि यदि निर्माण हाल ही में हुआ होता, तो ऐसी स्थिति संभव नहीं होती। यही वजह है कि ग्रामीणों को संदेह है कि वर्षों पुरानी नाली की तस्वीरें अपलोड कर सरकारी राशि का भुगतान कराया गया।


शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि मौके पर आज तक कोई नया नाली निर्माण दिखाई नहीं देता। इसके बावजूद पोर्टल पर कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों ने शिकायत के साथ पोर्टल के स्क्रीनशॉट, भुगतान संबंधी दस्तावेज और स्थल की तस्वीरें भी प्रशासन को सौंपते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।


मामले ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ एसडीओ, उपयंत्री, तकनीकी अमले और जनपद पंचायत के सीईओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में फर्जी जियो-टैगिंग, पुराने निर्माण को नया दिखाकर भुगतान लेने या दस्तावेजों में हेराफेरी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और शासकीय राशि की वसूली की जाए।

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