अंकिरा: जशपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जशपुर के बैनर तले कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम जशपुर अपर कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और शासन का ध्यान कर्मचारियों की छह सूत्रीय मांगों की ओर आकर्षित कराया।
इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुभाषचंद शर्मा, जिला सचिव डमरूधर साय पैंकरा, जिला कोषाध्यक्ष तुलेश्वर यादव, ब्लाक अध्यक्ष कृष्ण लाल मिर्रे, हॉस्टल आश्रम संघ के जिलाध्यक्ष खगेन्द्र चौहान, स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के यजूयेन्द्र सिंह, ग्रामीण विस्तार अधिकारी संघ, शासकीय तकनीकी संघ, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के पदाधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।
जिलाध्यक्ष सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि प्रबंधकारिणी के निर्णय तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों की सहमति के आधार पर कर्मचारियों के हित में घोषित ‘मोदी की गारंटी’ को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर जल्द निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता राज्य के सभी कर्मचारियों एवं पेंशनरों को प्रदान करने, लंबित डीए एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करने तथा महंगाई राहत देने की मांग की गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के नियम तत्काल जारी करने की भी मांग उठाई गई।
संघ ने सेवानिवृत्ति के समय 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण की व्यवस्था लागू करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने तथा शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने की मांग भी प्रमुखता से रखी। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग करते हुए इसे कर्मचारियों के हित में आवश्यक बताया गया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनकी सभी मांगें कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने शासन से इन मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो भविष्य में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर विचार किया जाएगा।
इस दौरान संघ के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर शासन से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग की और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाई।
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