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जानकारी के अनुसार, 9 जून की रात जशपुर सिटी कोतवाली पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान सारूडीह रोड पर एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस को देखते ही कार में सवार लोग वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन आरोपी ग्राम हाथीसार (किनकेल) के जंगल में छिप गए।
इसके बाद पुलिस मितान टीम की मदद से जंगल में घेराबंदी की गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक लकड़ा (32), अमन सिंह (30) और आलोक साय (29) के रूप में हुई है।
कार की तलाशी लेने पर पुलिस को भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इंजेक्शन झारखंड के गुमला जिले के तिगरा निवासी मो. शमशेर खान से खरीदे गए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने शमशेर खान को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं मामले में फरार चल रहे अरूण राम को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 865 एमएल रेक्सोजेसिक (ब्यूप्रेनॉर्फिन) इंजेक्शन, 1200 शीशी एविल इंजेक्शन, एक कार, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 6,500 रुपये नकद जब्त किए हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ग) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस मितान के सहयोग से यह कार्रवाई सफल हुई है। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

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