जशपुर, 29 मई 2026। जिले में अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जशपुर पुलिस कप्तान एवं डीआईजी-सह-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरक्षकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक आदेश जारी किए हैं। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर तीन आरक्षकों को सेवा से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है, जबकि दो अन्य आरक्षकों को वेतन एवं सेवा लाभों पर प्रभाव डालने वाली सजा दी गई है।
पुलिस रेगुलेशन नियम 221(अ) के तहत पारित इस कार्रवाई को जशपुर पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच में पाया गया कि संबंधित आरक्षक लंबे समय तक अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहे तथा बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अपने व्यवहार एवं कार्यशैली में सुधार नहीं लाए।
इन आरक्षकों को किया गया सेवा से पृथक
आरक्षक क्रमांक 737 संतोष कुमार राम ने अपने 13 वर्ष के सेवाकाल में 33 अलग-अलग अवसरों पर कुल 469 दिनों तक अनाधिकृत अनुपस्थिति दर्ज कराई। उन्हें पूर्व में 23 दंड एवं 9 पुरस्कार प्राप्त हुए थे, लेकिन लगातार अनुशासनहीनता के चलते अंततः सेवा से पृथक कर दिया गया।
आरक्षक क्रमांक 525 नेल्सन तिग्गा ने 17 वर्ष की सेवा अवधि में 28 बार कुल 923 दिनों तक गैरहाजिर रहकर विभागीय नियमों का उल्लंघन किया। उन्हें पहले ही 27 बार दंडित किया जा चुका था। विभागीय जांच के दौरान भी वे उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद उन्हें सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया गया।
आरक्षक क्रमांक 394 अशोक कुमार एक्का ने 20 वर्ष की सेवा में 30 बार कुल 1151 दिनों तक अनधिकृत अनुपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व में कई बार दंडित किए जाने और पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद सुधार नहीं होने पर उन्हें भी सेवा से पृथक कर दिया गया।
दो अन्य आरक्षकों पर भी गिरी गाज
आरक्षक क्रमांक 47 इरीमियस कुजूर द्वारा 17 वर्ष की सेवा अवधि में 139 दिनों तक अनधिकृत अनुपस्थिति दर्ज की गई। विभागीय जांच एवं सेवा पुस्तिका के अवलोकन के बाद उन्हें एक वेतन वृद्धि के बराबर राशि की कटौती संचयी प्रभाव से किए जाने की सजा दी गई है।
आरक्षक क्रमांक 144 बिंदेश्वर राम 18 वर्ष की सेवा अवधि में कुल 216 दिनों तक गैरहाजिर पाए गए। विभागीय जांच के बाद उन्हें एक वर्ष के लिए आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान में अवनति की सजा दी गई है, जिसका प्रभाव उनकी भविष्य की वेतन वृद्धि और पेंशन पर भी पड़ेगा।
कप्तान का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई के संबंध में पुलिस कप्तान डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है। कर्तव्य के प्रति उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार पुलिस बल में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।
जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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