LSD LETEST:--- कोरोना के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग नहीं करने वालों पर एफआइआर होगी। रायपुर नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। होम आइसोलेशन के नियमों का उल्लंघन करने वाले दस लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
नगर निगम आयुक्त सौरभ कुमार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से भी यह कहा गया है कि घर की पहचान के लिए लगाए जाने वाले स्टीकर को फाड़े या हटाए नहीं, वरना कार्रवाई की जाएगी।इस स्टीकर के माध्यम से निवासरत कोरोना मरीजों की पहचान कर नगर निगम व स्वास्थ्य की टीम द्वारा दवाओं की उपलब्धता, कचरा उठाने की व्यवस्था के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य व त्वरित एम्बुलेंस जैसी सुविधा उपलब्ध कराने त्वरित सेवा सुनिश्चित की जाती है।
यह स्टीकर घर के पहचान के तौर पर लगाए जाते हैं, इसे हटाने या फाड़ने से व्यवस्था प्रभावित होती है एवं अन्य सामान्य लोगों के भी कोरोना संक्रमित होने की भी आशंका बढ़ जाती हैं। नगर निगम जोन कमिश्नरों ने आकस्मिक निरीक्षण कर 10 ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए अपने क्षेत्र के इंसीडेंट कमांडर को पत्र भेजा है।
महामारी अधिनियम के तहत दर्ज होगी एफआइआर:-
होम आइसोलेशन की अनुमति के उपरांत बाहर घूमते पाए जाने वाले कोरोना मरीज एवं उनके परिजनों पर महामारी अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज किए जाएंगे। नगर निगम आयुक्त ने निगम स्वास्थ्य एवं पुलिस अमले को निर्देशित किया है कि आइसोलेशन की अनुमति उपरांत घर के बाहर घूमते पाए जाने वाले मरीजों एवं उस घर में निवासरत अन्य सदस्यों के विरूद्ध संबंधित थाने में अपराध दर्ज किए जाएं।
मरीजों के घरों का औचक जांच करेगी टीम:-
आयुक्त ने घरों की पहचान के लिए लगाए जाने वाले स्टीकर्स को फाड़ने या हटाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई केे लिए संबंधित अमले को कहा है। नगर निगम क्षेत्र में संबंधित इंसीडेंट कमांडर जोन आयुक्त, स्वास्थ्य व स्वच्छता की टीम होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के घरों का औचक जांच करेगी एवं नियमों के पालन में लापरवाही बरतने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा-269, 270 एवं 188, एपिडेमिक डिसीजेंज एक्ट-1897 के तहत 6 माह की सजा एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।



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